Railway Group-D से ITI हटाई गई। अब 10वीं सभी पदों के लिए आवेदन करे

प्यारे छात्रों,
रेलमंत्री पीयूष गोयल जी ने बहुत बड़ा एलान करते हुए कहा है कि रेलवे भर्ती परीक्षा में ITI की बाध्यता भी खत्म की जाती है। ये बाध्यता बिहार के छात्रों के आंदोलन को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अब पुराने नियमों से ही होगी रेलवे भर्ती की परीक्षा होगी।
बता दें कि रेलवे भर्ती नियंत्रण बोर्ड ने 90000 पदों के लिए बंपर वैकेंसी निकाली है, जिसमें उम्र सीमा को लेकर बिहार में परीक्षार्थियों के हंगामा प्रदर्शन के बाद रेल मंत्री ने परीक्षाओं के लिए आवेदन करने हेतु आयु सीमा में बदलाव कर अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है, जिसके बाद रेलमंत्री ने एक और एलान किया था कि रेलवे भर्ती परीक्षा के लिए एग्जामिनेशन फीस नहीं बढ़ाई गई है।

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उन्होंने कहा कि अगर उम्मीदवार रेलवे भर्ती परीक्षा देता है तो यह बढ़ी हुई फीस उसे बाद में वापस कर दी जाएगी। दरअसल, इस बार जो 90,000 भर्तियां निकाली गई हैं उसमें आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 250 रुपये और अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 500 रुपये की परीक्षा फीस रखी गई है।

जबकि इससे पहले जो भर्तियां निकाली गई थीं, उनमें अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 100 रुपये फीस रखी गई थी जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को फीस से छूट थी। उन्हें परीक्षा के लिए कोई फीस नहीं देनी होती थी। ऐसे में रेलवे भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं में काफी असंतोष था।
इस पर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया है कि परीक्षा के लिए गंभीर उम्मीदवार ही आवेदन करें। बहुत बार कम शुल्क की वजह से लोग आवेदन कर देते हैं लेकिन परीक्षा नहीं देते। ऐसे में सरकार को नुकसान होता है। भर्ती परीक्षा आयोजित करने में सरकार का काफी पैसा खर्च होता है। अगर उम्मीदवार परीक्षा देता है तो बढ़ी हुई फीस वापस कर दी जाएगी।
रेल मंत्री की इस घोषणा के बाद स्पष्ट है कि अगर उम्मीदवार परीक्षा देता है तो आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को उनकी पूरी फीस यानी 250 रुपये वापस कर दी जाएगी जबकि अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को 500 रुपये के शुल्क में से 400 रुपये वापस कर दिए जाएंगे।

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